नमस्ते दोस्तों! देवरिया जिले को ‘देवों की भूमि’ कहा जाता है, और इस पहचान को सबसे अधिक सार्थकता प्रदान करता है देवरहा बाबा आश्रम। सरयू नदी के तट पर स्थित यह आश्रम न केवल आध्यात्मिक शांति का केंद्र है, बल्कि भारत के महानतम योगियों में से एक, देवरहा बाबा की तपस्थली भी है।
आज जानेंगे देवरहा बाबा आश्रम के इतिहास, महत्व और वहां पहुँचने के मार्ग के बारे में।
कौन थे देवरहा बाबा?
देवरहा बाबा भारत के एक ऐसे सिद्ध संत थे, जिनकी आयु के बारे में आज भी रहस्य बना हुआ है। उन्हें ‘अजेय योगी’ माना जाता था। वे रामानुजाचार्य परंपरा के 11वें उत्तराधिकारी थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन मानवता के कल्याण और आध्यात्मिक ज्ञान बांटने में समर्पित कर दिया। 19 मई 1990 को उन्होंने योग समाधि ली थी, लेकिन आज भी उनकी उपस्थिति इस आश्रम के कण-कण में महसूस की जाती है।
आश्रम की मुख्य विशेषताएं:
- सरयू तट पर स्थित: यह आश्रम देवरिया की बरहज तहसील के मईल (Mayil) गाँव में सरयू नदी के किनारे स्थित है। नदी का शांत किनारा और बाबा की कुटी एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण बनाती है।
- मचान (कुटी): बाबा हमेशा जमीन से ऊपर लकड़ी के एक मचान पर रहते थे और वहीं से अपने भक्तों को आशीर्वाद देते थे। आज भी भक्त उस स्थान के दर्शन करने आते हैं।
- प्रमुख हस्तियों का आगमन: भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद से लेकर कई प्रधानमंत्रियों और महान संतों ने बाबा के चरणों में शीश नवाया है।
📍 यात्रा मार्गदर्शिका (Travel Guide)
यदि आप देवरहा बाबा आश्रम के दर्शन के लिए आना चाहते हैं, तो यहाँ पूरी जानकारी दी गई है:
1. कैसे पहुँचें? (How to Reach)
- ट्रेन द्वारा (By Train): सबसे नजदीकी मुख्य रेलवे स्टेशन देवरिया सदर (Deoria Sadar) है। यहाँ से आश्रम लगभग 40-45 किमी की दूरी पर है। आप स्टेशन से टैक्सी या बस द्वारा बरहज होते हुए मईल पहुँच सकते हैं।
- सड़क मार्ग द्वारा (By Road): देवरिया बस स्टेशन से मईल और बरहज के लिए नियमित बसें और निजी वाहन उपलब्ध हैं।
- हवाई मार्ग (By Air): निकटतम हवाई अड्डा गोरखपुर (GOP) है, जो यहाँ से लगभग 90 किमी दूर है।
2. दर्शन का समय और विशेष अवसर
आश्रम भक्तों के लिए पूरे दिन खुला रहता है। हालांकि, गुरु पूर्णिमा और बाबा के निर्वाण दिवस पर यहाँ विशेष उत्सव और भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
3. यात्रियों के लिए सुझाव
- सरयू नदी के तट पर होने के कारण शाम के समय यहाँ का दृश्य बहुत मनमोहक होता है।
- आश्रम के पास ही बरहज का बाजार है, जहाँ से आप जरूरी सामान ले सकते हैं।